Tuesday, July 13, 2010

भारत नादान बालक या बेवकूफ युवा..???

यूपीऐ २ की दुसरे कार्यकाल के प्रथमवर्ष के पूर्ण होने पर प्रधानमंत्री जी का यह बयान की पाकिस्तान से बात चलती रहनी चाहिए और पड़ोसियों से अच्छे रिश्ते बेहद जरूरी है अच्छे भविष्य के लिए सरकार की यह सोच न जाने कौन से बेहतर भविष्य की और निहार रही है... स्वतंत्रता के बाद ६२ वर्षों के इतिहास पाकिस्तान ने पीठ पर वार करने के और भारत विरोधी आतंकवाद के उत्पादन के अलावा किया क्या है... ???? इन ६२ वर्षों में पाकिस्तान ने और कुछ किया हो या न किया हो पर भारत को निरंतर तोड़ने , नुक्सान पहुचाने के अपने विचार को मजबूती जरूर प्रदान की है...

इस परिस्थिति के बाद भी भारत सरकार न जाने क्यों घुटने टेक बात-चीत जारी रखना चाहती है हमारे सामने किसी भी क्षेत्र में न टिकने वाला पकिस्तान आज हमें हर प्रकार से चुनौती देता है,॥ और हम बात-चीत चाहते है आखिर क्यों..???? एक ब्रिटिश सर्वे के अनुसार बच्चों के लिए थोड़ी बहुत धौंस जरुरी है... अर्थात जो बच्चे जैसे के साथ तैसा व्यवहार करते है.. उन बच्चों में बड़े होने पर कठिन परिस्थितियों से निबटने की अच्छी समझ होती है...
अब यदि भारत बच्चा है तो भारत को अपने स्वभाव में बदलाव लाने की जरुरत है जैसा की आज चीन, ईरान,अमेरिका और पाकिस्तान जैसे देशों का है। ... ये देश अपने लिए खतरा देख उसे ख़त्म करने में विश्वास रखते है न की खतरा सर पर आ जाने पर समाधान ढूँढने निकलते है।
और यदि भारत युवा है तो इसे अपने बालपन की गलतियों से सबक ले आगे कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है । तभी सही मायने मैं देश के सफल भविष्य का निर्माण हो पायेगा .....

फैसला आप कीजिये...?????
धन्यवाद

1 comment:

  1. पहली चीज़ यह कि लिखा बहुत कम है. विषय विचारणीय है लेकिन छोटा होने के कारण सहमति-असहमति की गुंजाइश नहीं बनती. फिर भी पहले की अपेक्षा भाषा में सुधार दिख रहा है. गूगल इंडिक कई बार स्पेलिंग ठीक नहीं समझता. प्रयास करो कि वर्तनी की गलतियां कम हों. पाठकों को बहुत खटकती हैं.
    पहला प्रयास अच्छा है. शीर्षक अपने आप में बहुत कुछ समेटे है. इस पर निश्चय ही मिलकर बात होगी. रेगुलर लिखो, निखार आएगा.

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