सुबह की सैर करते समय जब कुछ दोस्त मिले तो बात शुरु हुई और बात भी प्रत्येक भारतीय की तरह राजनीति से, तभी एक दोस्त ने दुसरे को निशाना बनाते हुए कहा की यार इसका क्या है इसका बाप तो नेता है नौकरी और छोकरी दोनों आराम से मिल जाएगी. तो दूसरा बोला की हाँ मिल जाएगी तू भी नेता बन जा और करले शादी,. इसी बहस में एक विषय आया की क्या नेताओं की एक अलग जाति नहीं होनी चाहिए. जैसे समाज में ब्राह्मण हैं, क्षत्रिय हैं, वैश्य हैं , शूद्र हैं और जैसे ये चारों एक-दुसरे की जाति में शादी नहीं करते वैसे ही नेताओं को भी नहीं करनी चाहिए. वैसे होता तो राजनीति में भी कुछ-कुछ ऐसा ही है.
जैसे अब देखें तो पता चलता है की कांग्रेस और बीजेपी के लोग आपस में शादी नहीं कर सकते उसी तरह सपा और बसपा के लोग भी आपस में शादी नहीं कर सकते उसके बाद लेफ्ट है , जदयू है, लोजपा है, और अन्य कई राजनीतिक पार्टियाँ है .
अब जरा देखें की इनमे गोत्र के नाम कैसे होंगे.:-
कांग्रेस :-
इसमें सबसे पहला गोत्र होगा श्रद्धेय महात्मा गांधी जी जिनके नाम से ये वंस पहचाना जाता है इसके बाद इसकी कुछ शाखाएं होंगी जैसे जवाहर लाल नेहरु , उनके बाद इंदिरा गाँधी की किसी भी जाति में महिला के नाम से गोत्र बनाने वाली पहली महिला के रूप में भी जानी जाएँगी., उनके बाद राजीव गाँधी, सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी .
बीजेपी :-
इस जाति के प्रवर्तक श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेयी को पहला गोत्र उन्ही के नाम से बनेगा. उसके बाद लाल कृष्ण आडवाणी , प्रमोद महाजन, अरुण जेटली , शुषमा स्वराज और अंत में वरुण गाँधी का नाम आएगा .
लेफ्ट :-
इनके जनक बुद्धदेव भट्टाचार्य होंगे इन्ही के नाम से गोत्र चलेगा उसके बाद प्रकाश करात और वृंदा करात का नाम आएगा.
जदयू :- इस पार्टी का गोत्र नितीश कुमार के नाम से चलेगा.
एन सी पी :- इस पार्टी का गोत्र शरद पवार के नाम से चलेगा.
बसपा :- इस पार्टी का गोत्र मायावती के नाम से चलेगा .
सपा :- इस पार्टी का गोत्र मुलायम सिंह यादव के नाम से चलेगा
डी एम के :- इस पार्टी का गोत्र करूणानिधि के नाम से चलेगा
ए आइ डी एम के :- इस पार्टी का गोत्र जय ललिता के नाम से चलेगा
लोजपा :- इस पार्टी का गोत्र राम विलास पासवान के नाम से चलेगा
टी एम सी :- इस पार्टी का गोत्र ममता बनर्जी के नाम से चलेगा
आर जे डी :- इस पार्टी का गोत्र लालू प्रसाद यादव और रबरी देवी के नाम से चलेगा
अब एक नज़र डालते हैं की इन नव निर्मित जातियों में कौन सी जाति किस जाति में शादी कर सकती है :-
बीजेपी जिन जातियों में रिश्ता कर सकती है वो हैं ए आइ डी एम के , जदयू , बसपा इसके अलावा कोई भी राजनितिक जाति बीजेपी में रिश्ता नहीं करेगी
दूसरी और कांग्रेस कहीं भी रिश्ता कर सकती है पर बीजेपी में नही .... इसी प्रकार लेफ्ट भी कहीं भी रिश्ता करेगी पर बीजेपी में नहीं. बसपा को कहीं भी जाने में कोई परेशानी नहीं है बस फायदा होना चाहिए. सपा, एन सी पी, और लोजपा भी फायदे के लिए कहीं भी रिश्ता करने को तैयार हो जाते हैं.
कमाल की बात तो यह है की यहाँ भी दहेज़ खूब चलता है.. और आम समाज की तरह लाखों में नहीं यहाँ हिस्साब करोड़ों और अरबों में होता है.
यहाँ भी अंतर जातीय विवाह होता है और आगे भी होता रहेगा पर देखना ये है की क्या इससे यहाँ भी ऑनर किलिंग जैसी समस्या सर उठाएगी या यहाँ भी हर कहीं की तरह राजनीति ही सब पर भारी रहेगी ...???
mere bhai CONGRESS, SP or BSP vivah nahi karngi.. ye to Nikaah karne wolo me se hain....
ReplyDeletesahi hai bhai ji.. theek kaha ab aapne kaha hai to soch raha hu edit maar du..
ReplyDeleteविषय वस्तु आकर्षक, विचारणीय, वाद-विवाद योग्य. शुरूआती प्रस्तुति काफी अच्छा. एकदम ब्लॉगगत शैली. पर अंत में प्रवाह टूट रहा है, अशुद्धियों के कारण पाठक में भटकाव आता है.
ReplyDeleteहां एक बात है, अंत में गहन मुद्दे के साथ समापन लेखकीय शैली को दर्शाता है.
vikas ji bahut achha mudda hai.... rajneeti par ye haasyaspad lekh kaafi uttam hai...
ReplyDeleteऑनर किलिंग...!!!!!!! काश....
ReplyDeleteहाहाहा
दहेज़ वाली बात भी अच्छी लगी...!