Wednesday, August 31, 2011
विज्ञापन के पीछे छोटे और बड़े होते आइडल
नमस्कार,
आमतौर पर लोग टीवी पर आने वाले विज्ञापनों पर ध्यान नहीं देते या किसी विशेष विज्ञापन या विशेष परस्थितियों में ही ध्यान दिया जाता हैं . जैसे की ऐश्वर्या राय का कोई नया विज्ञापन आने वाला हो, एसआरके या रणबीर कपूर का कोई नया पेप्सी वाला विज्ञापन हो, बिग बी आ जाये तो क्या बात है या फिर अक्षय कुमार का थम्सअप के लिए किया गया गया कोई जबरदस्त स्टंट हो तो लोग इन विज्ञापनों का इंतज़ार करते हैं. लेकिन अभी विज्ञापन जगत में कुछ नए सितारों ने भी कदम रखा है जो की एक अलग तरह के विज्ञापन करते आपको नज़र आयेंगे और उनके द्वारा किया विज्ञापन प्रभावकारी हो या न हो लेकिन उसके पीछे की सोच जरूर प्रभावकारी होती है ऐसा मुझे लगता है. हाँ इन विज्ञापनों में कोई तड़क भड़क नहीं होती लेकिन फिर भी ये एक अंतर को दर्शाते हैं एक सोच को दर्शाते हैं.
एक नज़र में देखते हैं की कैसे कुछ आइडल माने जाने वाले सितारे अपने प्रशंसकों को सही कामों के लिए प्रभावित नहीं करते, सबसे पहले एसआरके को लेते हैं जो की पेप्सी और अन्य कई विज्ञापनों में दिखते हैं अब उनका ये जिम्मा रणबीर कपूर ने ले लिया है इसके बाद अक्षय कुमार, इमरान खान और कई अन्य सितारे भी है जो ठन्डे से लेकर तेज़ रफ़्तार बाइक तक बेचते नज़र आ जायेंगे. तेज़ रफ़्तार बाइक बेचने वाले ये सितारे अपने प्रशंसकों से निवेदन भी करते हैं क़ी आप तेज़ रफ़्तार से बाइक न चलायें, अब भला ऐसा कैसे हो सकता है क़ी आप कुछ करें और आपके भक्त आपको भगवान् मानने वाले लोग तेज़ रफ़्तार बाइक न चलायें, दूसरा एसआरके जब एक विज्ञापन में कुछ बच्चों के साथ शहर क़ी सफाई करते नज़र आते हैं तो बड़ा अच्छा लगता है लेकिन बाद में पता चलता है क़ी वो तो किसी प्रतिष्ठित कम्पनी के लिए पेंट बेच रहें हैं ऐसे ही कई और उदाहरण मिल जायेंगे. हृतिक रोशन पाउडर और साबुन भी बेचेंगे तो बर्फ क़ी घाटियों में इधर उधर छलांग लगायेंगे, कच्छा और बनियान बेचना है तो भी तलवार चलाएंगे.. और हमारे क्रिकेट के खिलाडी तो और गज़ब है कभी सैफ अली खान के पीछे कई-कई मंजिल क़ी छत और दीवार कूद जाते है लेकिन मैदान पर अगर बाल रोकनी हो तो हाथ उठा कर पीछे वाले को इशारा कर देते हैं (यह इसलिए लिखा है क्योंकि भारतीय टीम क्षेत्ररक्षण में फिसड्डी है ये बात सब जानते हैं ) और इसमें मास्टर ब्लास्टर भी शामिल हैं तो लगता है क़ी जब ये कर रहे है तो बाकियों को क्यों दोष दें.
अब उन विज्ञापनों क़ी बात करते हैं जिसमे नए और कुछ पुराने आइडल हैं लेकिन विज्ञापन में जितनी जान है देखकर मज़ा आ जाता है इनमें आमिर खान का महिंद्रा न महिंद्रा की बाज़ार में आई नयी मोटरसाईकल का विज्ञापन जिसे देख कर दिल खुश हो जाता है जिसमें अंत में आमिर कहते हैं की मेरे द्वारा किये गए सब स्टंट आप भी कर सकते हैं ..एक और विज्ञापन में दिग्गज भारतीय बोक्स़र विजेंद्र सिंह रक्त दान का विज्ञापन करते नज़र आते है तो देख कर अच्छा लगता है.. एक और विज्ञापन जिसमें भारतीय पहलवान सुशील कुमार नहाने जाते हुए बाल्टी लेकर जाने की बात करते हैं क्योकि फव्वारे में नहाने से पानी ज्यादा बर्बाद होता है. और ये बात एकदम सर्वविदित है की अगला विश्वयुद्ध पेट्रो पदार्थो को लेकर हो या न हो लेकिन पानी को लेकर होना तय है.. एक और स्टार है विवेक ओबराय जो की टीबी के मरीजो को सरकारी अस्पताल जाने की सलाह देता है और दावा को उसके पूरे समय तक खाने की हिफ़=दयत देता नज़र आता है .. और हां आमिर खान वाला वो विज्ञापन जिसमे शाहरुख़ खान की तरह वो भी शहर की सफाई पर ध्यान दिलाते हैं लेकिन जब वो शहर की सफाई की बात करते हैं तो अतिथि देवो भाव के साथ भारतीय पर्यटन को बढ़ावा देने की बात करते है ..और कहते हैं की अगर सड़क पर गंदगी होगी, अगर हमारे पर्यटन स्थलों पर जहाँ तहां कूड़ा पड़ा होगा तो कोई क्यों और कैसे उनको देखने आएगा और हमारे देश में प्रेमी प्रेमिकाओं को और जगह मिले न मिले लेकिन एतिहासिक इमारतों पर अपना नाम लिख अमर हो जाने का विचार उनके दिमाग में खूब घर किये हुए है जैसे
पप्पू लव बसंती
चमेली लव पुत्तन
आई लव यू चंपा
मैं ये नहीं कहता कि ये लोग पैसा न लें,लेकिन इन्हें ये सोचना होगा कि पैसे के बदले ये समाज को देते क्या हैं??? आज हर चीज़ पर बाज़ार हावी है मैं ये खुद जानता हूँ. लेकिन जिन लोगों कि विज्ञापन के बाज़ार में मांग है उनकी कुछ जिम्मेदारी है अपने फैन्स के प्रति, समाज के प्रति, देश के प्रति.
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